Nakhre Wali – A Love Story

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Nakhre Wali – A Love Story



बारिश की हल्की बूंदें सड़क पर गिर रही थीं। शहर की भागदौड़ के बीच राहुल अपनी बाइक पर ऑफिस से घर लौट रहा था। तभी उसकी नजर बस स्टॉप पर खड़ी एक लड़की पर पड़ी।

सफेद कुर्ती, खुले बाल और चेहरे पर ऐसा आत्मविश्वास जैसे पूरी दुनिया उसके इशारों पर चलती हो।

वह थी अनन्या।

राहुल उसे पहली नजर में ही पसंद करने लगा, लेकिन अनन्या कोई साधारण लड़की नहीं थी। उसके नखरे पूरे कॉलेज और ऑफिस एरिया में मशहूर थे। कोई उसकी तारीफ करे तो वह मुस्कुरा कर आगे बढ़ जाती, कोई बात करने की कोशिश करे तो जवाब भी सोच-समझकर देती।

कुछ दिनों बाद राहुल और अनन्या की मुलाकात एक कॉफी शॉप में हुई।

"Excuse me, क्या यह सीट खाली है?" राहुल ने पूछा।

अनन्या ने बिना उसकी तरफ देखे कहा, "खाली है, लेकिन मैं ज्यादा बात नहीं करती।"

राहुल हंस पड़ा।

"कोई बात नहीं, मैं भी ज्यादा सवाल नहीं पूछता।"

यही उनकी पहली बातचीत थी।

दिन बीतते गए और दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगीं। राहुल को धीरे-धीरे समझ आने लगा कि अनन्या के नखरों के पीछे एक अलग ही कहानी छिपी है।

वह लोगों पर जल्दी भरोसा नहीं करती थी।

एक दिन राहुल ने पूछा,

"तुम हर बात पर इतना attitude क्यों दिखाती हो?"

अनन्या ने कॉफी का कप नीचे रखा और मुस्कुराई।

"Attitude नहीं है, बस दिल को संभालकर रखती हूं।"

उस जवाब ने राहुल को सोचने पर मजबूर कर दिया।

धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे। राहुल उसकी हर छोटी-बड़ी बात का ख्याल रखता। कभी उसकी पसंदीदा किताब गिफ्ट कर देता, कभी बिना बताए उसकी पसंद की चॉकलेट ले आता।

लेकिन अनन्या के नखरे अभी भी कम नहीं हुए थे।

एक दिन उसने राहुल को शाम 5 बजे मिलने बुलाया।

राहुल समय से पहले पहुंच गया।

अनन्या 6 बजे आई।

"एक घंटा लेट?" राहुल ने पूछा।

"लड़कियों को इंतजार करवाने का हक होता है।" उसने हंसते हुए कहा।

राहुल ने सिर हिलाया।

"और प्यार करने वालों को इंतजार करने का।"

पहली बार अनन्या के चेहरे पर शर्म भरी मुस्कान आई।

उस दिन के बाद उनके रिश्ते में कुछ बदल गया।

अब अनन्या के नखरे राहुल को परेशान नहीं करते थे। बल्कि वही नखरे उनकी कहानी की सबसे प्यारी बात बन गए थे।

कुछ महीनों बाद राहुल उसे उसी कॉफी शॉप में ले गया जहां उनकी पहली मुलाकात हुई थी।

उसने जेब से एक छोटी सी अंगूठी निकाली और कहा,

"तुम्हारे नखरे जिंदगी भर झेल सकता हूं, लेकिन तुम्हारे बिना एक दिन भी नहीं। क्या तुम मुझसे शादी करोगी?"

अनन्या की आंखें नम हो गईं।

उसने मुस्कुराकर कहा,

"इतनी आसानी से हां नहीं कहूंगी... आखिर मैं नखरे वाली हूं।"

राहुल घबरा गया।

कुछ सेकंड बाद अनन्या हंस पड़ी।

"लेकिन इस बार जवाब हां है।"

कॉफी शॉप तालियों से गूंज उठी।

और इस तरह एक साधारण लड़के और एक नखरे वाली लड़की की खूबसूरत प्रेम कहानी हमेशा के लिए एक हो गई।

कहानी की सीख

सच्चा प्यार किसी की कमियों को बदलने की कोशिश नहीं करता, बल्कि उन्हें अपनाता है। कभी-कभी किसी के नखरे ही उसकी सबसे प्यारी पहचान बन जाते हैं।